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इसे ही आप बोलते हैं ..मेक इन इंडिया

प्रवेश चौहान  हमारा देश तरक्की के नए रास्ते पर चल रहा है जो कि देश का हर नागरिक यही चाहता हैं. हमारे देश का विकास हो और विदेशों में भी अपनी नीतियों का सबसे लोहा मनवाए.यह बात हुई देश की उन्नति और विकास की. जिसे आज हम 'न्यू इंडिया' कहते हैं किसी भी अख़बार और न्यूज़ चैनलों ने आपको न्यू इंडिया में क्या क्या घटित हो रहा है यह नहीं बताया |हमारे देश के प्रधानमंत्री ने सिर्फ हर चीज के प्रचार को अधिक महत्व दिया है चाहे उन योजनाओं पर काम हुआ है या नहीं हुआ है यह एक अलग बात है| अब आप यह मत समझना कि मैं मोदी विरोधी हूं. मेरा उद्देश्य जनता को सच की राह पर ले जाना है.किसी भी मोदी भक्त के भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है.क्योंकि मोदी सरकार द्वारा  इतना कुछ छुपाया गया कि किसी भी अखबार या न्यूज़ चैनलों के पास जनता तक सच पहुंचाने का बिल्कुल भी समय नहीं है. जिस वजह से लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं. कि आखिर हमारा देश सच में न्यू इंडिया बन गया है. या इसका भी सिर्फ जोरो शोरों से प्रचार को बढ़ावा दिया गया है. यह बहुत ही कम लोग जानते हैं कि इस वक्त हमारा देश भुखमरी ,बेरोजगारी, किसानों द्वारा आत्महत्या, आतंकवाद, प्रदूषण ,भ्रष्टाचार, बलात्कार ,इन सभी मामलों में अव्वल दर्जे पर पहुंच गया है और आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इन सभी गंभीर मामलों के आंकड़े 2014 के बाद यानी बीजेपी के समय में ही बढे हैं.यह वही दौर था जिसे बीजेपी अपने शब्दों में न्यू इंडिया का नाम देती है. आखिर यह न्यू इंडिया है क्या? न्यू इंडिया का पूरा खेल आपको आंकड़ों के साथ समझना जरूरी है क्योंकि तब बहुत कहीं देर ना हो जाए. जब न्यू इंडिया के नए-नए कारनामों का आपको पता चलेगा. भुखमरी यह एक ऐसा मनहूस शब्द है कि कोई भी जिंदगी में भुखमरी नाम का शब्द नहीं लेना चाहता होगा.ओर ना ही भूखा कोई रहना चाहता है. लेकिन आपको जानकर यह हैरानी होगी कि हमारा देश न्यू इंडिया जब से बना है और भी ज्यादा भूखा हो गया है और भुखमरी के मामले में पूरा रिकॉर्ड तोड़ चुका है भुखमरी हमारे देश के लिए क्या पूरी दुनिया के लिए अभिशाप है क्योंकि भूखा कौन रहना चाहेगा. भुखमरी के आंकड़े बताने वाली  ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में भुखमरी की रैंकिंग में न्यू इंडिया 55 के पायदान पर था 2015 में 80 ,2016 में 97, 2017 में 100, 2018 में 103वे स्थान पर पहुंच गया.यानी 2014 में न्यू इंडिया बनने के बाद 2018 तक भुखमरी के आंकड़े 55 से 103 तक पहुंच गए. इसके अलावा ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन 25, श्री लंका67, मयमार 68, नेपाल 72, बांग्लादेश 86, मलेशिया 57 थाईलैंड 45 भारत 103 ,पाकिस्तान 106 के पायदान पर है बेरोजगारी भुखमरी तो चल ही रही थी और बेरोजगारी भी न्यू इंडिया के जनता का पीछा करते हुए साथ ही चल रही थी. न्यू इंडिया ने बेरोजगारी के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 45 साल पीछे(1972-73) पहुंच गई. नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की रिपोर्ट के मुताबिक 2011-12 में  बेरोजगारी दर  2.2% थी. 2018 में यही बेरोजगारी दर  6.2 प्रतिशत, और जनवरी 2019 तक 7.2% तक पहुंच गई.ग्रामीण क्षेत्रों में 5.5% और शहरी क्षेत्रो में 7.8% तक आंकड़े पहुंच गए.CMIE की रिपोर्ट के मुताबिक हालात तब और ज्यादा बिगड़ गए. जब नोटबंदी और जीएसटी की वजह से 1.1 करोड लोगों का रोजगार छिन गया. आपको याद होगा कि हमारे नए भारत के ब्रांडेड नेता ने 2 करोड़ नौकरियों का वादा किया था दो करोड़ नौकरियां तो दूर जो नौकरियां थी वह भी अपनी लहर में उड़ा ले गए. किसानों द्वारा आत्महत्या न्यू इंडिया का दौर किसानों के लिए बिल्कुल भी नया ना रहा.यह समय किसानों की जिंदगी के लिए एक 'न्यू इंडिया"नाम का ग्रहण साबित हुआ. भारत सरकार की संस्था नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो(एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में 11,772 किसान, 2014 में  12,360 किसान, 2015 में 12602 किसानों ने आत्महत्या की. 2016 के बाद  आंकड़े  जारी नहीं किए गए .सबसे ज्यादा  आत्महत्या महाराष्ट्र 4291 रही. सोचिए  यह समय तो  न्यू इंडिया का था.और  सरकार द्वारा  किसानों  के लिए नए-नए योजनाएं  बनाई जाती थी.उन योजनाओं का क्या हुआ  .जो किसानों के लिए लागू की गई थी. अगर योजनाएं लागू की गई होती तो आज एक भी किसान  नहीं मरता. बलात्कार न्यू इंडिया के समय में बीजेपी सरकार ने "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" का नारा चलाया.लेकिन यह नारा भी प्रचार बनकर ही रह गया.  नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर 1 घंटे में 4 रेप और 14 मिनट में 1 रेप की घटना सामने आ रही हैं.साल 2012 में जहां ये बच्चियों के साथ बलात्कार के 8,541 मामले सामने आए है। 2016 में 19,765 मामले आए. ये आंकड़े पहले के मुकाबले दोगुने हो गए है।  2014 तक देशभर में  36,975 मामले  रेप के सामने आए हैं .क्राइम रिकॉर्ड ब्यरो की रिपोर्ट के अनुसार 2015 की तुलना में 2016 में बलात्कार के मामलों में 12.4 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। 2016 में 38,947 मामले दर्ज किए गए। वहीं दिल्ली को एनसीआरबी द्वारा किए गए सालाना सर्वेक्षण में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहर बताया गया।   भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार को लेकर सरकार ने लोगों के साथ बड़े-बड़े वादे किए थे. यह तो हर कोई जानता है| लेकिन नया भारत भ्रष्टाचार रोकने की वजाए उसमें और ज्यादा शीर्ष पर आ गया. अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट ग्लोबल करप्शन इंडेक्स  2017 में देश को 79वे स्थान पर रखा गया है भारत को इस सूचकांक में एशिया प्रांत क्षेत्र में भ्रष्टाचार और प्रेस स्वतंत्रता के मामले में सबसे खराब स्थिति वाले देशों की श्रेणी में रखा गया था. एशिया महाद्वीप में भी भ्रष्टाचार के मामले में भारत में प्रथम स्थान पर अपना दबदबा बनाए रखा. एक सर्वे में पाया गया है कि भारत में रिश्वतखोरी की दर 69% है फोर्ब्स द्वारा किए गए 18 महीने लंबे सर्वे में भारत को एशिया में टॉप 5 देशों में पहला स्थान दिया गया है  प्रदूषण हमारा न्यू इंडिया प्रदूषण में भी सबसे आगे रहा 130 करोड़ की आबादी वाला देश भारत दुनिया के 20 प्रदूषण वाले देशों की सूची में  14 शहर  के साथ इस लिस्ट में रहा. विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि 10 में से 9 लोग सांस के जरिए बेहद प्रदूषित हवा लेते हैं प्रदूषित शहरों की लिस्ट में यूपी का कानपुर पहले नंबर पर रहा. इसके अलावा फरीदाबाद,वाराणसी,गया,पटना,दिल्ली,लखनऊ,आगरा,मुजफ्फरपुर, गुरुग्राम, जयपुर पटियाला और जोधपुर के नाम भी इस सूची में शामिल है  वहीं टॉप 15 प्रदूषित शहरों में  कुवैत का अली सुबह अल स्लैब इकलौता विदेशी शहर है यह इस लिस्ट में 15वे नंबर पर है  आतंकवाद   पुलवामा हमले को कौन नहीं जानता पुलवामा हमले में हमारे देश के 42 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे.जो कि अभी तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला था.लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल में 2014 से लेकर अब तक  और भी आतंकी हमले हुए हैं.सरकार आए दिन देशभक्ति की बातें करती रहती है. जून 2015 को मणिपुर के चंदेल में आतंकियों ने भारतीय सेना के काफिले पर बारूदी सुरंग बिछा कर हमला कर दिया था. इस आतंकी कार्रवाई में देश के 18 जवान शहीद हुए थे.पंजाब के गुरुदासपुर में आर्मी ड्रेस पहने आतंकियों ने दीनानगर पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया था. इस हमले में 4 जवान शहीद हो गए थे. इसके अलावा 3 सिविलियन भी मारे गए थे. जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया. यह ऑपरेशन 6 दिनों तक चला. जिसमें कुल 7 जवान शहीद हो गए थे. अनंतनाग के चेकपोस्ट पर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें 2 जवान शहीद हुए थे. एक दिन पहले भी बीएसएफ के काफिल पर हमला किया था. जिसमें 3 जवानों की जान चली गई थी. पंपोर के पास श्रीनगर- जम्मू हाइवे पर सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें 8 जवान शहीद हो गए थे जबकि दो दर्जन जवान जख्मी भी हुए थे. 2016 श्नीनगर बारामूला हाइवे पर सैन्य काफिले पर हमला कर दिया था. यह हमला हिजबुल ने किया था. इसमें 8 जवान शहीद हुए थे. 2016पठानकोट एयरबेस पर आतंकवादियों ने आतंकी हमला कर दिया था. ये मुठभेड़ 3 दिनों तक चली थी. इस आतंकी हमले में 6 जवान शहीद हुए थे. सैनिकों की जवाबी कार्रवाई में 4 आतंकी भी मारे गए थे. 2016 सेना के सोते हुए जवानों पर हमला कर दिया था.जिसमें 19जवान शहीद हो गए थे. 2017 अमरनाथ जा रही बस पर आतंकियों ने हमला कर लिया था. 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी. 2017 सीआरपीएफ के ट्रेनिंग कैंप की 185वीं बटालियन पर आतंकियों ने हमला कर दिया था. जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे जबकि 2 आतंकी मारे गए थे. 

Pravesh Chauhan

@ pravesh chauhan BA(honours) journalism & mass communication | Posted 21 Apr, 2019 | Current Topics