कौनसी छह वैक्सीन है जो दुनिया को कोविड-19 से बचा सकती हैं? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

Language



Blog

pravesh chuahan,BA journalism & mass comm | Posted on | news-current-topics


कौनसी छह वैक्सीन है जो दुनिया को कोविड-19 से बचा सकती हैं?


0
0




pravesh chuahan,BA journalism & mass comm | Posted on


महज तीन महीने के भीतर कोविड-19 की वैक्सीन पर काम कर रही 90 रिसर्च टीमों में से छह उस मुकाम पर पहुंच गई हैं जिसे एक बहुत बड़ा लक्ष्य माना जाता है और वो है इंसानों पर परीक्षण. इन दिनों मीडिया में पांच वैक्सीन दिखाई पड़ रही है जो आने वाले समय में क्रोना वायरस की रोकथाम के लिए कारगर सिद्ध हो सकते हैं....

mRNA-1273 वैक्सीन
मॉडर्ना थेराप्युटिक्स एक अमरीकी बॉयोटेक्नॉलॉजी कंपनी है इसके ट्रायल को अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की फंडिंग मिल रही है। ये वैक्सीन मैसेंजर RNA या मैसेंजर राइबोन्यूक्लिक एसिड पर आधारित है। 

INO-4800 वैक्सीन
अमरीकी बॉयोटेक्नॉलॉजी कंपनी इनोवियो फार्मास्युटिकल्स का मुख्यालय पेंसिल्वेनिया में है. इनोवियो और मॉडर्ना, दोनों ही नई तकनीक का सहारा ले रही हैं जिसमें एक आनुवंशिक संरचना में बदलाव किया जा रहा है या फिर उसमें सुधार किया जा रहा है.

AD5-nCoV वैक्सीन
16 मार्च को जब मॉडर्ना थेराप्युटिक्स ने इंसानों पर अपनी वैक्सीन का परीक्षण शुरू किया था, चीनी बॉयोटेक कंपनी कैंसिनो बॉयोलॉजिक्स ने भी उसी दिन अपने ट्रायल्स शुरू किए थे। इस प्रोजेक्ट में कैंसिनो बॉयोलॉजिक्स के साथ इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोटेक्नॉलॉजी और चाइनीज एकेडमी ऑफ मिलिट्री मेडिकल साइंसेज भी काम कर रहे हैं.

LV-SMENP-DC वैक्सीन
चीन के ही शेंजेन जीनोइम्यून मेडिकल इंस्टीट्यूट में एक और ह्यूमन वैक्सीन LV-SMENP-DC का परीक्षण भी चल रहा है। इसमें एचआईवी जैसी बीमारी के लिए जिम्मेदार लेंटीवायरस से तैयार की गई उन सहायक कोशिकाओं का इस्तेमाल किया जाता है जो प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय करती है.

ChAdOx1 वैक्सीन
ब्रिटेन की ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टीट्यूट में ChAdOx1 वैक्सीन के विकास का काम चल रहा है। 23 अप्रैल को यूरोप में इसका पहला क्लीनिकल ट्रायल शुरू हुआ है। जेनर इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक भी उसी तकनीक पर काम कर रहे हैं जिस पर चीनी कंपनी कैंसिनो बॉयोलॉजिक्स रिसर्च कर रही है.

कहां जा रहा है कि यह सिर्फ उम्मीदें ही हैं यह गारंटी साथ नहीं कहा जा सकता है कि इन वैक्सीन से क्रोना वायरस के मरीजों को ठीक किया जा सकता है यह सिर्फ एक प्रयास है यह प्रयास सफल हो जाता है तो वैज्ञानिकों के लिए यह बहुत ही अच्छी बात होगी ऐसा कहा जाता है कि एक वैक्सीन  बनाने में कम से कम 10 से 20 साल लग जाते हैं. हालांकि सभी देशों ने वैक्सीन को बनाने के लिए युद्ध स्तर तक गतिविधि तेज कर दी है ताकि  वैक्सीन को जल्द से जल्द लाया जा सके.उम्मीद है विज्ञानिक जल्द ही इस वैक्सीन को तैयार कर लेंगे.

Letsdiskuss


0
0

Picture of the author