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Ajeet Raturi

Chef (REDFORT CHINA BEIJING ) | Posted on | others


क्या भारतीय जरूरत से ज्यादा भावुक होते हैं?


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वे लोग जो अपनी भावनाओं को दूसरों को दिखा दे उन्हें हम ज्यादा भावुक लोग कहते हैं और वहीं दूसरी ओर जो अपनी भावनाओं को दूसरों को नहीं दिखाई दे कम भावुक कहलाते हैं। भावुकता एक ऐसी चीज है जिसमें जिसमें इंसान तभी बाबू होता है जब वह किसी चीज से भावनात्मक तरीके से जुड़ा हुआ हो और उसकी उससे धनिस्ता ज्यादा हो भले ही बहे कोई इंसान या वस्तु हो।
यह कहना बिल्कुल गलत है कि भावुुुक केवल भारतीय लोग ही होोते हैं भावुक तो कोई भी हो सकता है यदि उसे किसी चीज से ज्यादा जुड़ा होगा और उसेे कभी दूर होगा तो वे अपनी भावुकता के भाव कोो दिखाएगा। ऐसाााााा कहना बिल्कुल ही गलत है कि भावुक केवल भारतीय लोग ही होतेे हैं। भावुक सभी देशों के लोग होते हैं सभी अपनी भावनाओं कोोो दूसरों इसीीी से लोग उन्हें भावुक कहते हैं।
कुछ लोगों का मानना होता है कि महिलाएंंंं पुरुषों से ज्यादा भावुक होती हैं। इसका उद्देश्य केवल यही है किि महिलाएं अपनीीीी भावनाओं को ज्यादा दिखाती हैं और पुरुुष अपनी अपने अंदर समेटे रखते हैं इसी कारण से कम भावुक कहलातेे हैं।


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