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Sweety Sharma

fitness trainer at Gold Gym | Posted on | Astrology


चेत्र नवरात्रि के छठे दिन कौन सी देवी का पूजन होता है ,इससे क्या लाभ मिलता है ?


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देखते ही देखते नवरात्रे के पांच दिन निकल गए | आज नवरात्रे के दिन का छठा नवरात्रा है | नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है | ये आदि शक्ति के छठे रूप के तौर पर पूजी जाती हैं | देवी कात्यायनी सच्चे भक्तों के लिए अमोघ फलदायिनी मानी गई है | जो लोग शिक्षा के क्षेत्र मे है उनको या फिर विद्यार्थियों को विशेष तौर पर देवी कात्यायनी की अाराधना करनी चाहिए | इसी के साथ देवी कात्यायनी की पूजा विवाह की इच्छा रखने वालों के लिए भी फलदायी मानी जाती है |
इस दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है, बताया जाता है कत नाम के एक प्रसिद्ध महर्षि थे, उनके पुत्र ऋषि कात्य हुए | इन्हीं कात्य के गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन उत्पन्न हुए थे | इन्होंने भगवती की उपासना करते हुए बहुत वर्षों तक बड़ी कठिन तपस्या की थी | उनकी इच्छा थी मां भगवती उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लें | मां भगवती ने उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली, जिसके बाद से मां का नाम कात्यायनी पड़ा |यह दानवों, असुरों और पापी जीवधारियों का नाश करने वाली देवी भी कहलाती हैं |
अपने सांसारिक स्वरूप में मां कात्यायनी शेर पर सवार रहती हैं | इनकी चार भुजाएं हैं | इनके बांए हाथ में कमल और तलवार है | दाहिने हाथ में स्वस्तिक और आशीर्वाद की मुद्रा अंकित है | नवरात्र के छठे दिन इनके स्वरूप की पूजा की जाती है |
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जैसा कि आप सभी जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है आपका सवाल है कि चैत्र नवरात्रि के छठे दिन किस देवी की पूजा होती है और इससे हमें क्या लाभ मिलते हैं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

दोस्तों चैत्र नवरात्रि के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा होती है ऐसी मान्यता है कि जो भक्त देवी कात्यायनी के सच्चे मन से भक्ति करता है तो उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं यदि विवाह संबंधी कोई दिक्कत आ रही है तो मां कात्यायनी उसके समस्या को दूर करने में उसकी मदद करती है।

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