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Abhinav kumar

| Posted on | Education


विदेशी धरती पर भारतीय वायुसेना का एकलौता एयर बेस कहाँ पर स्थित है?

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भारतीय वायु सेना यानी एयरफोर्स ऑफ इंडिया भारत की वायु सीमाओं की रक्षा करता है। भारत की धरती पर कई एयरवेज है जहां से भारतीय वायु सेना उड़ान भर्ती है। इसके साथ ही विदेश की धरती पर भी भारतीय वायु सेना का इकलौता एयर बेस है, आइए जाने कहां पर है और उसके बारे में पूरी बात!

 

आपको बता दें कि भारत देश पर अगर कोई विदेशी सेना बुरी नजर रखती है तो भारतीय एयरफोर्स  तुरंत करारा जवाब देती है। एयर स्ट्राइक के द्वार दुश्मन देशों को सबक सिखाया जाता है। चीन और पाकिस्तान के द्वारा आतंकवादी घटनाएं भारत में फैलाई जाती है, जिस पर नजर रखने के लिए भारतीय वायु सेना विदेशों की धरती पर भी इन दोनों देशों पर नजर रखती है और किसी भी गतिविधियों का मुंहतोड़ करारा जवाब देती है। 

 चीन और पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रखने के लिए विदेश में 2 जगहों पर भारतीय वायु सेना का एयरबेस है। जी हां एक नहीं दो जगहों पर इंडियन एयर फोर्स का एयरबेस विदेशों में है। भारतीय वायुसेना ने ताजिकिस्तान के आयनी और फारखोर में इंडियन एयर फोर्स ने एयरबेस बनाया  हैं।



विदेश की धरती पर दोनों एयरबेस 

 

ताजिकिस्तान में है। भारतीय वायु सेना यहां पर पीओके कश्मीर चीन और  पाकिस्तान पर नजर रखती है।



ताजिकिस्तान में आयनी एयर बेस

 

आयनी एयर बेस ताजिकिस्तान की कैपिटल दुशानबे से केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह इंडियन एयर फोर्स का विदेशी धरती पर पहला एयरबेस है।  आयनी एयर बेस पर भारत और ताजिकिस्तान मिलिट्री को ऑपरेशन इन 13 साल से चल रहा है।  भारत सरकार ने अपने इस्तेमाल के लिए 32 सौ मीटर रनवे को  और अधिक  बनाया है। 

 

विदेश की धरती पर दूसरा रनवे Indian Air force Airbase

 

 इंडिया का एयर बेस ताजिकिस्तान में ही स्थित है। बहुत महत्वपूर्ण एयरवेज है।  राजधानी दुशानबे से साउथ-ईस्ट में 130 किलोमीटर की दूरी पर है। एक रिपोर्ट की अगर बात करें तो 1996- 97 खुफिया एजेंसी रॉ ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया था। एयरबेस को गुप्त रखा जाता है। 

 

विदेश की धरती पर दोनों रनवे

 

अयनी एयरबेस भारतीय वायु सेना के 3 हेलिकॉप्टर भारत की सीमा की सुरक्षा के लिए विदेशों में तैनात किए गए हैं। जबकि फारखोर में मिग-29 विमानों की दो स्क्वाड्रन तैनात हैं।  चीन और पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इन दोनों एयरवेज का इस्तेमाल किया जाता है।