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श्याम कश्यप

Choreographer---Dance-Academy | Posted on | News-Current-Topics


जनता के लिए परिवारवाद के दुष्परिणाम क्या है ?


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fitness trainer at Gold Gym | Posted on


जैसा की नाम से पता चलता है कीपरिवारवाद का क्या मतलब है | परिवारवाद का मतलब सिर्फ एक ही होता है के चाहे कोई भी छेत्र हो औरकिसी भी स्तर पर हो वहाँकेवल अपना ही होना चाहिए | ये परिवारवाद का साफ़ और सही मतलब होता है | अब चाहे वो गलत तरीका हो या सही बस यही है "परिवारवाद" |

परिवारवाद अगर अपने घर तक सिमित हो तो ये घरेलु होता है और घर के बाहर आ जाए तो ये सामाजिक होता है और अगर यही चीज समाज के बहार आ जाए तो ये राष्ट्रीय हो जाता है | जैसा की आज कल हो रहा है | और अब ये राष्टीय के स्थान पर राजनितिक बन गया है |और राजनितिक परिवारवाद इंसानो के अंदर राजनीती को लेकर काफी गलतफैमी और बहुत गुनाहो का निर्माण कर रहा है |आज के वर्तमान समय मे परिवारवाद के कारण कई बड़ी समस्या सामने आने लगी है | जिनका सामना सामन्य जनता को करना पड़ता है |


परिवारवाद के प्रभाव :-

1. इसके कारण नए लोग राजनीती मे नहीं आ पाते |

2. जैसी सरकार चल रही है वैसी ही चलती रहती है |

3. जनता का भरोसा सरकार से उठने के कारण वो अपनी समस्या से खुद ही लड़ती रहती है |

4. और कई बार हालत इतने बुरे हो जाते है के लोग गुनाह कर बैठते है |

5. कई बार अयोग्य शाशक देश पर शाशन करता है जिसका दुष्परिणाम लोगो को झेलना पड़ता है |

6. जनता अपनी स्वतंत्रता मे कमी महसूस करती |


परिवारवाद के नाम पर जो राजनीती चल रही है उसका प्रभाव केवल जनता पर होता है | इसका खत्म उतना ही जरुरी है जितना के लोगो के मन मे राजनीती को लेकर सही विचारधरा बनाना | आज की जनता जहा राजनीती का नाम सुनती है तो वही उनके दिमाग मे भ्रष्टाचार,गुनाह और धोखाधड़ी की एक साफ़ साफ छवि उभर जाती है | उस पर ये परिवारवाद लोगो की जान लेने को तैयार है | इसको खत्म करना बहुत जरुरी है आम जनता के लिए और खुद सरकार के लिए |



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