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Vansh Chopra

System Engineer IBM | Posted on | Science-Technology


पेड़ के पत्ते हरे क्यों होते है,और शाख से टूटने के बाद उनका रंग क्यों बदल जाता है ?


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Marketing Manager | Posted on


पेड़ धरती पर जीवन की प्रमुख इकाई हैं | जीवों, प्राणियों को जिन्दा रहने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन, भोजन आदि पेड़ों द्वारा प्रदान की जाती हैं | जीवन को धरती पर बनाये रखने में पेड़ों का बहुत योगदान हैं | वृक्ष ही जीवन हैं | पर क्या आपने कभी सोचा हैं की पेड़ के पत्ते अधिकतर हरे क्यों होते हैं, लाल, गुलाबी या काले क्यों नहीं ?

पेड़ के पत्ते हरे इसलिए होते हैं क्योंकि उनमे क्लोरोफिल होता है और क्लोरोफिल का रंग हरा होता हैं | क्लोरोफिल ही वह पदार्थ हैं जिसकी सहायता से वृक्ष अपना खाना बनाते हैं और इस प्रक्रिया को फोटोसिंथेसिस कहा जाता हैं | इस प्रक्रिया में वृक्ष ऑक्सीजन भी छोड़ते है जिसे प्राणवायु भी कहा जाता हैं | यह ऑक्सीजन प्राणियों को जिन्दा रहने के लिए जरूरी होती हैं | क्लोरोफिल, कार्बन डाइऑक्साइड और सौर उर्जा की मदद से पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदल देते हैं और अपने लिए आवश्यक खाना भी बनाते हैं |
एक बार साख से टूटने के बाद पेड़ के पत्ते हरे से पीले हो जाते हैं क्योंकि उन्हें आवश्यक खाना नहीं मिलता और उसमे प्रयुक्त क्लोरोफिल का क्षय होने लगता हैं जिससे क्लोरोफिल धीरे धीरे ख़त्म होने लगता हैं और पत्ती का हरा रंग भी पीले में बदलने लगता हैं | पूरा क्लोरोफिल सूखने की वजह से पत्ते पीले से भूरे होकर सूख जाते हैं |
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क्या आपने कभी सोचा है कि पेड़ के बंदे हरे क्यों होते हैं और शाखा टूटने के बाद उनका रंग बदल क्यों जाता है शायद आपको मालूम नहीं होगा तो कोई बात नहीं चाहिए हम आपको उसकी जानकारी देते है। दोस्तों पेड़ की पत्तियों का रंग हरा इसलिए होता है क्योंकि इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है क्लोरोफिल का रंग हरा होता है इसी वजह से पेड़ के पत्तों का रंग हरा होता है और जब वह पेड़ से हो जाता है तो उसका रंग बदल जाता है क्योंकि उसे क्लोरोफिल नहीं मिल पाता। यानी के पत्तों को मुख्य रूप से भोज्य पदार्थ नहीं मिल पाता।

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