सूर्योदय से पहले फांसी क्यों दी जाती है,बताइये ? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

Language



Blog

Ajay Paswan

Physical Education Trainer | Posted on | others


सूर्योदय से पहले फांसी क्यों दी जाती है,बताइये ?


0
0




Content Writer | Posted on


नमस्कार अजय जी, स्वागत है आपका हमारी website पर ,बहुत अच्छा सवाल है आपका, क्योकि हम सिर्फ इतना जानते है कि किसी गुन्हेगार को फांसी हुए,पर हमने कभी इस बात पर गौर नहीं किया कि फांसी का वक़्त सूर्योदय से पहले ही क्यों होता है ? 

फांसी एक ऐसा शब्द है,जिसके नाम से ही अच्छे-अच्छे गुनाह करने वाले डर जाते है | और आज के दौर में जो गुनाह होते जा रहे है उसमे फांसी भी एक आसान सजा होगी | फांसी गंभीर अपराधों के लिए ही दी जाती है | और आप ये भी जानते है कि फांसी देने का काम सूर्योदय से पहले ही किया जाता है | लेकिन ऐसा क्यों होता है ये कोई नहीं जानता | कुछ खास कारण है जिनके चलते फांसी सूर्योदय से पहले दी जाती है -

- हमारे समाज में ऐसा माना जाता है कि फांसी की सज़ा जिसको भी सुनाई गयी हो, उसको उसकी फांसी वाले दिन पूरा दिन इंतज़ार नहीं कराना चाहिए, इससे उसके दिमाग पर गहरा असर पड़ता है,इसलिए सुबह सूर्योदय से पहले फांसी दी जाती है | ये एक नैतिक वजह है |

- अपराधी को फांसी देना समाज के लिए एक बहुत बुरा और बहुत बड़ा समाचार होता है। इसका समाज पर कोई गलत प्रभाव न हो इसको ध्यान में रखकर सूर्योदय से पहले फांसी दे दी जाती है। ये एक सामाजिक वजह है |

- फांसी देने के पहले और उसके बाद कई तरह की प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं, जैसे मेडिकल टेस्ट, कई रजिस्टरों में एंट्री और कई जगह नोट्स देने होते हैं। इसके बाद मृतक को उसके परिवार वालों को भी देना होता है। ये एक प्रशाशनिक वजह है |

Letsdiskuss


30
0

Picture of the author