मीना कुमारी की शायरियों में इतना दर्द क्यों था ? - letsdiskuss
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मीना कुमारी की शायरियों में इतना दर्द क्यों था ?


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मीना कुमारी उन उन अभिनेत्रियों में से एक थी जो खूबसूरत होने के साथ - साथ बेहद शांत स्वभाव और साफ़ दिल की महिला था | उनका बचपन बड़ी कठिनाइयों से गुज़रा और उन्होनें अपने बचपन में बहुत बुरे वक़्त का सामना किया |


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यहाँ तक की उनके जन्म के बाद उनके पिता ने उन्हें एक अनाथालय के बाहर छोड़ दिया था क्योंकि उनकी पहले से दो बेटियां थी और उनके घर दिन बहुत तंगी से गुज़र रहे थे, लेकिन अनाथालय से कुछ दूर जाते ही मीना कुमारी की चीखने की आवाज़ सुन कर उनके पिता का दिल पसीझ गया और वह उन्हें उठा कर घर लें गए |



आइए आज हम आपको उनके दिल से उभरें हुए शब्दों से रु बरु करवाते है -


- आगाज़ तो होता है अंजाम नहीं होता
जब मेरी कहानी में वो नाम नहीं होता


- कही - कही कोई तारा 
कही - कही कोई जुगनू
जो मेरी रात है
वो आपका सवेरा है


- तेरे क़दमों की आहट को
ये दिल ढूंढ़ता है हरदम
हर एक आवाज़ पर
थरथराहट होती जाती है


- हस - हस के हम जवान दिलों के क्यों न चुनें टुकड़ें
हर शक्श की किस्मत में इनाम नहीं होता


- मेरी तरह जो संभालें
कोई जो दर्द तो जानू
एक बार दिल से हो कर
परवरदिगार गुज़रें


- हसी थमी है इन आँखों में
यू नमी की तरह
चमक उठें है
अँधेरे भी रौशनी की तरह



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